अमेरिका के समर्थन के बावजूद पाकिस्तान ने महज 13 दिन में घुटने टेके थे, जानिए 1971 के भारत-पाक युद्ध के बारें में 8 बेहद खास बातें

3 दिसंबर 1971 को ही भारत और पाकिस्तान के बीच दूसरी जंग का आगाज हुआ था. पिछली बार की तरह इस बार भी पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी. महज 13 दिन के अंदर पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए और नए देश बांग्लादेश आजाद मुल्क बन गया. जानिए इस युद्ध के बारें में 8 बेहद खास बातें

सौजन्य- http://defenceforumindia.com/
सौजन्य- http://defenceforumindia.com/

8
1.पाकिस्तान ने शुरू किया था युद्ध
जैसी नीति इजरायल ने अरब देशों के लिए अपनाई थी एयरबेस पर हमले करने की ठीक उसी राह पर चलते हुए 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने ऑपरेशन चंगेज खान शुरू किया. बांग्लादेशी स्वतंत्रता आंदोलन में भारत के हस्तक्षेप से नाराज होकर पाक ने भारतीय वायुसेना के 11 एयरबेस पर हमले शुरू कर दिए.

2.सरकार-भारतीय सेना में अनबन
1971 के इस युद्ध से पहले तात्कालीन पीएम इंदिरा गांधी और भारतीय सेना के प्रमुख सैम मानेकशॉ के बीच सबकुछ सही नहीं चल रहा था. इंदिरा ने मानेकशॉ से पूछा था कि क्या आप युद्ध के लिए तैयार हैं. मॉनेकशा ने मौसम जैसी कुछ बड़ी मुश्किलों की वजह से इंदिरा को युद्ध के लिए मना कर दिया था. मॉनेकशॉ ने फिर कहा था- एक ही शर्त पर वो जीत की पूरी गारंटी दे सकते हैं वो है कि सेना को अपनी शर्तों पर काम करने दिया जाए.

3. महज 13 दिन में धो डाला
मानेकशॉ और सेना को अपनी शर्तों पर काम करने दिया गया और महज 13 दिन यानी 16 दिसंबर को भारत ने पाकिस्तान को घुटने टेकने को मजबूर कर दिया. इस युद्ध को इतिहास मे सबसे कम समय तक चले युद्ध का दर्जा भी मिला हुआ है.

4. वायुसेना ने निभाई थी अहम भूमिका

13 दिन के इस युद्ध के दौरान भारतीय वायुसेना के पायलटों ने पाकिस्तान एयरफोर्स की 14 स्कवाड्रन को नेस्तनाबूत कर दिया. युद्ध के दौरान भारतीय युद्ध सेना ने मिग-21 जैसे सुपरसोनिक फाइटर जेट्स का भी बखूबी इस्तेमाल किया, पाक के तेजगांव एयरबेस पर इससे कई बड़े हमले किए गए.

5.अमेरिका ने की थी भारत पर दबाव बनाने की कोशिश
1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान अमेरिका का पिट्ठू था पाकिस्तान. इसलिए पाकिस्तान को समर्थन दे रहा था अमेरिका. युद्ध के छठे दिन यानी 9 दिसंबर को उस समय के अमेरिकी राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन ने बंगाल की खाड़ी में एयरक्राफ्ट करियर USS ENTERPRISE भेजा. जिससे भारत की सेना पूर्वी पाकिस्तान से चली जाएं. लेकिन अमेरिका का दांव भी काम ना आया.

p124
6.पाक सेना ने किया था सरेंडर

पाक सेना के जनरल नियाजी ने करीब 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों के साथ सरेंडर किया था. बांग्लादेश में इस दौरान लाखों लोगों को पाकिस्तान सेना ने मौत के घाट उतार दिए थे. और लाखों बांग्लादेशियों ने भारत की शरण ली थी.

सौजन्य- http://www.ichowk.in/
सौजन्य- http://www.ichowk.in/


7.लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब ने तब संभाली थी सेना की पूर्वी कमांड

सबसे आक्रामक पूर्वी कमांड की जिम्मेदारी तब जैकब को सौंपी गई. जैकब ने महज 30 मिनट के अंदर पाकिस्तान को सरेंडर कराया था. दरअसल हुआ यूं कि ढाका में उस समय पाक के 30 हजार सैनिक थे वहीं भारत के 3 हजार सैनिक. लेकिन तब भी पाकिस्तान पूरी तरह घिर चुका था क्योंकि उसे पता था कि स्थानीय बंगाली पाक के खिलाफ हैं, फिर जैकब अकेले और निहत्थे पाक जनरल के पास जाकर बोलें- आपके पास केवल 30 मिनट है, सरेंडर करते हैं आप तभी मैं सुरक्षा की गांरटी दे सकूंगा. और फिर तो इतिहास सबको पता ही है पाकिस्तान का एतिहासिक सरेंडर हुआ.

8.कितने सैनिकों ने लिया हिस्सा
इस पूरे युद्ध में तीनों तरफ से तकरीबन 10.5 लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया था. जिसमें भारत की तरफ से 5 लाख सैनिक थे वहीं बांग्लादेश मुक्ति वाहिनी के 1 लाख 75 हजार सैनिकों ने भारत की मदद की. पाकिस्तानी की तरफ से करीब साढ़े 3 लाख सैनिकों ने हिस्सा लिया था.

Comments

comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *