भारतीय संसद, संसद भवन, संसद पुस्तकालय और संसद के कामकाज से जुड़ी हर वो बात जो आप जानना चाहते हैं 8 प्वाइंटर्स में

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, और इस संसद को इस लोकतंत्र का मंदिर कहा जाता है. भारतीय संसद की कई बड़ी खासियत है. संसद के दो सदन हैं- लोकसभा (निम्न सदन), राज्यसभा(उच्च सदन). इस बेहद आम जानकारी के अलावा भारतीय संसद के बारें में कई ढेर सारी बातें हैं जो शायद आपने पहले कभी नहीं सुना होगा-

Sir Edwin Lutyens

1.संसद भवन कब तैयार हुआ

संसद भवन की इमारत को एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने तैयार किया था. संसद भवन को बनाने की शुरुआत 12 फरवरी 1921 में हुई थी 6 साल में इसे तैयार किया गया, जिस पर 83 लाख रुपये का खर्च आया था.

2.संसद का पुस्तकालय

संसद का पुस्तकालय राष्ट्रीय पुस्तकालय कोलकाता के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा पुस्तकालय है, इस पुस्तकालय में भारत के संविधान की हिंदी और अग्रेजी में हाथ से लिखी कॉपी नाइट्रोजन गैस से भरे चैंबर में सुरक्षित रखा गया है.

3.संसद की कैंटीन

साल 2016 से पहले सांसदों को शाकाहारी थाली 18 रुपये प्लेट मिला करती थी, लेकिन अब इसकी कीमत 30 रुपया है. आपको हैरानी होगी की यहां एक प्याली चाय पिछले साल तक महज 2 रुपये की मिलती थी.

4.सांसदों का वेतन भत्ता

सांसदों को कार्यकाल के दौरान 50 हजार रुपए का वेतन मिलता है. इसके अलावा अगर सांसद संसद भवन में रखे रजिस्टर में हस्ताक्षर करते हैं तो उन्हें 2 हजार रुपये हर रोज भत्ता भी मिलता है.
-सांसदों को अपने क्षेत्र में काम करने करने के लिए 45 हजार भत्ता भी मिलता और ऑफिस के खर्च के लिए अलग से 45 हजार

सौजन्य-http://www.india.com/

5.1 मिनट की कार्यवाही का खर्च लाखों में

आपको जानकर हैरानी होगी कि संसद में 1 मिनट की कार्यवाही पर कुल 2 लाख 50 हजार रुपये खर्च होते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 16वीं लोकसभा के पांचवे सत्र में 119 घंटे बर्बाद हुए यानी देश को 178.5 करोड़ का नुकसान हुआ, ऐसे में आप सोच लीजिए संसद में हमारा पैसा कैसे बर्बाद हो रहा है.

6.संसद के सत्र
संसद के तीन सत्र होते हैं. बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र. बजट सत्र फरवरी से मई तक की अवधि में होता है वहीं मानसून सत्र जुलाई-अगस्त में, शीतकालीन सत्र नवंबर-दिसंबर में बुलाया जाता है.

A view of the Indian Parliament building.

7.संसद के लिए राष्ट्रपति का महत्व
राष्ट्रपति के पास संसद के दोनों में से किसी भी सदन को बुलाने या स्थगित करने की शक्ति होती है. राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को समय समय पर बैठक के लिए बुलाते हैं.

8.शून्यकाल
लोकसभा और राज्यसभा में प्रश्नकाल के ठीक बाद के समय को शून्यकाल या जीरो ऑवर के नाम से जाना जाता है. लोकसभा में शून्यकाल 12 बजे शुरू होता है इसलिए इसे जीरो ऑवर या शून्यकाल कहते हैं. शून्यकाल एक घंटे तक चलता है. इस दौरान सांसद ऐसे प्रश्न उठाते हैं जो पहले से तय नहीं है लेकिन उस मामले में देरी नहीं की जा सकती है.

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