Google के बारें में वो 9 बातें जो गूगल करके भी नहीं जान पाएंगे, Everything about Google in Hindi

आज हर एक शख्स इंटरनेट से जुड़ा हुआ है, और हम लोगों में से अधिकतर तो Google को ही इंटरनेट मान चुके हैं. कोई भी जानकारी चाहिए या कोई भी चीज ढूंढना हो तो हम सबसे पहले बोल उठते हैं कि Google कर लो ना यार. इतने के बावजूद हम लोगों में से कई लोगों को Google के बारें में ज्यादातर बातें शायद नहीं पता. Google को हम लोग सर्च इंजन के तौर पर ही जानते हैं जहां से किसी चीज को ढूंढा जा सके, लेकिन Google इससे कहीं ज्यादा है, जीमेल, Google मैप्स, यूट्यूब जैसी कई और भी सेवाएं Google की ही देन हैं, आइए जानते हैं Google के बारें में वो बातें जो Google करने पर भी आसानी से नहीं मिलेंगी.

गूगल हे़डक्वॉर्टर



1.Google क्यों पड़ा नाम

Google का नाम Google ही क्यों पड़ा इसके पीछे तर्क दिया जाता है कि ये एक स्पैलिंग मिस्टेक है, दरअसल GOOGOL एक मैथेमेटिकल टर्म है जिसका मतलब होता है, 1 के साथ सौ जीरो, GOOGOL= 1,0000……………… जब इस नाम को रजिस्टर कराने गए Google के बनाने वाले तो ये पहले से ही रजिस्टर था तो उसकी जगह Google ने ले ली.

2.Google की स्थापना किसने की
Google इंक की शुरुआत 1995 में हुई, इसे लैरी पेज और सर्जे ब्रीन ने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान तैयार करने का सोचा था. साल 1996 में इन्होंने पहला सर्च इंजन ‘बेकरब’ बनाया जिसे अब Google के नाम से जाना जाता है.

3.शुरुआत में हुई थी खरीदने की कोशिश, अब ये खरीदते हैं
साल 1998 के करीब उस समय की मशहूर प्रौद्योगिकी कंपनी ‘सन’ ने Google को 1 लाख डॉलर में खरीदने की पेशकश की थी, ये वो समय था जब Google के बारें में किसी को ढ़ंग से पता तक नहीं था. आपको ये जानकर हैरानी होगी कि याहू ने भी इसे खरीदने की कोशिश की थी, लेकिन लैरी और सर्जे ने इसे बेचने से मना कर दिया था. अब हालात ये हैं कि आंकड़ों के मुताबिक साल 2010 के बाद से Google ने हर हफ्ते औसतन एक कंपनी को खरीदा है.

4.भारतीय ने दिया था जीमेल का आइडिया
Google की सबसे मशहूर सर्विसेज में से एक जीमेल का आईडिया सबसे पहले राजन सेठ नाम के भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने दिया था. जिसे साल 2004 में पूरी तरह से जांच परख के बाद मूर्ख दिवस यानी 1 अप्रैल को लॉन्च किया गया. जो इस वक्त दुनिया की सबसे शानदार मेलिंग सेवाओं में है.

पृथ्वी दिवस का डूडल


5.बर्निंग फेस्टिवल से डूडल की शुरूआत
हम अक्सर Google के सर्च पेज पर डूडल यानी कोई आकृति या तस्वीर बना देखते हैं. ये हैं Google के डूडल,साल 1998 में पहली बार Google ने अपने होमपेज पर डूडल पोस्ट किया था, इसमें अमेरिका में होने वाले बर्निंग फेस्टिवल के बारें में दिखाया गया था, अब कंपनी एक हजार से ऊपर डूडल पोस्ट कर चुकी है. Google में डूडल के लिए एक भारी भरकम टीम है जो हर रोज के आइडिया पर काम करती है. डूडल बनाते समय ये ध्यान में रखा जाता है कि वो Google के पेज पर उस दिन क्यों लगाया जा रहा है, जैसे किसी सेलिब्रेटी का जन्मदिन हो या देश में कोई फेस्टिवल तो उससे संबंधित डूडल, Google पर दिखता है.

सौ- गूगल


6.डूडल देखना है तो यहां जाएं
अगर आपको पुराने डूडल देखने हैं तो आपको ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं, Google के होम पेज पर I’m Feeling Lucky लिखा हुआ दिखता है यहां क्लिक करते ही आपको पुराने डूडल देखने को मिल जाएंगे.

7.साल 2006 में यूट्यूब की शुरुआत
यूट्यूब Google का वीडियो प्लेटफॉर्म है जिसकी शुरूआत साल 2006 में की गई थी, आंकड़ो के मुताबिक अब यूट्यूब पर हर महीने करीब 600 करोड़ घंटे के वीडियो देखे जाते हैं.

8.कैसे और कितनी होती है कमाई
एक अनुमान के मुताबिक Google हर रोज 500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा कमा लेता है यानी हर सेकेंड Google को 55 हजार से भी ज्यादा की कमाई होती है. Google अपनी ज्यादातर कमाई विज्ञापनों से हासिल करता है, लेकिन आपको बता दें कि आपके हर एक क्लिक का रिकॉर्ड होता है आपकी जानकारी को दूसरे कंपनियों को बेचकर भी Google कमाई करता है. जैसे आपने एक टीवी खरीदने के लिए Google पर सर्च किया, अब कुछ देर बाद भी आप अगर इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे होते हैं तो आपको टीवी के ही विज्ञापन दिखते हैं, ऐसे ही जानकारियों को बेचकर Google मुनाफा कमाता है.

गूगल हेडक्वॉर्टर


9.बकरियों को भी मिली है Google में नौकरी
रिपोर्ट्स के मुताबिक Google के दफ्तर में 200 से ज्यादा बकरियों को हायर किया गया, सिर्फ इसलिए की दफ्तर के लॉन की घास को मशीन से ना काटना पड़े, मशीन से काटने पर धुआं और शोर होता है, जिसे रोकने के लिए इन बकरियों को बुलाया जाता है.

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