करीम लाला, हाजी मस्तान, वरदराजन मुदालियर औऱ…मुंबई के सबसे बड़े अपराधियों की सबसे खास बातें.. Everything about underworld don of Mumbai in Hindi

भारत के सबसे बड़ा दुश्मन अडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर शिकंजा कसने जा रहा है. सऊदी अरब और पाकिस्तान में बैठे दाऊद की संपत्ति को सऊदी अरब में सील कर दिया गया है. मुंबई के डोंगरी में चोरी, लूटपाट जैसे अपराध करने वाला डॉन दाऊद को अब इंटरपोल भी तलाश कर रही है. मुंबई में अपराध की जड़े कहां से शुरू हुईं और कौन था इसे शुरू करने वाला, जानिए उन सारे अपराध के आकाओं की पूरी कहानी-

करीम लाला

करीम लाला था मुंबई का पहला डॉन
1940-50 के दशक में मुंबई में करीम लाला का खौफ था, लाला का असली नाम था अब्दुल करीम खान. जुए के धंधे से शुरुआत करने वाले लाला ने कई हत्याओं और लूट को अंजाम दिया, करीम लाला के पास हमेशा एक छड़ी जरूर रहती थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक लाला से ज्यादा लोग इस छड़ी की दहशत में रहते थें. 1980 के करीब करीम लाला का गैंग पूरी तरह खत्म हो गया.

हाजी मस्तान- करीम लाला

लाला और हाजी मस्तान की जुगलबंदी
करीम लाला का प्रभाव ही था जो उसे हाजी मस्तान के करीब लाया, दोनों एक ही समय में अपराध की दुनिया पर राज करते थे. हाजी मस्तान बेहद गरीब परिवार से था. मुंबई में मस्तान ने डॉक पर कुली का काम करना शुरू किया और धीरे धीरे यहीं से तस्करी की दुनिया में आ गया, 1970 के दशक तक मस्तान सबसे बड़ा डॉन बन चुका था. बॉलीवुड से मस्तान को खास प्यार था, मस्तान मधुबाला से प्यार करता था और शादी भी करना चाहता था.
वरदराजन मुदालियर

वरदराजन मुदालियर- पूजा पाठ में खास विश्वास
मुदालियर को लोग वरदा भाई बुलाते थे. वरदा, हाजी मस्तान और करीम लाला एक ही समय के थे. वरदराजन ने भी अपनी शुरूआत तूतीकोरिन में कुली के तौर पर की थी लेकिन उसके बाद वो तस्करी के धंधे से जुड़ गया. वरदा ने ड्रग्स तस्करी एवं सुपारी जैसे सारे गोरखधंधे किए. वरदा पूजा पाठ में खास ध्यान रखता था.
मान्या सुर्वे

मान्या सुर्वे- ग्रेजुएट डॉन
मुंब के कीर्ति कॉलेज से ग्रेजुएट मनोहर अर्जुन सुर्वे कब डॉन मान्या सुर्वे बन गया किसी को पता भी नहीं चला, वो अपने साथ कॉलेज के दोस्तों को भी जरायम की दुनिया में ले आया. 1980 के आस पास मान्या सबसे बड़े गैंगस्टर्स में से एक था, 1982 में एक एनकाउंटर में मान्या मारा गया.

दाऊद का दुश्मन- छोटा राजन

सिनेमा की टिकट ब्लैक करने वाला राजेंद्र सदाशिव अपराध की दुनिया में आकर छोटा राजन बन गया था. बड़ा राजन के संपर्क में आने पर वो दाऊद इब्राहिम के लिए काम करने लगा, दाऊद इब्राहिम का दाहिना हाथ रहा छोटा राजन मुंबई धमाकों के बाद दाऊद से अलग हो गया. दोनों के बीच जंग शुरू हो गई और दोनों विदेश भाग गए. छोटा राजन अब जेल में है.
अरुण गवली

मौके पर चौका मारा अरुण गवली ने
दाऊद और छोटा राजन के विदेश भागने के बाद मुंबई में अरुण गवली ने अपनी पकड़ बनाई. गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाला गवली धीरे-धीरे सबसे बड़ा गैंगस्टर बन गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक तब गवली के गैंग में 800 से ज्यादा अपराधी काम करते थे. हत्या, तस्करी और सुपारी लेने वाले गवली को सुपार किंग भी बोला जाने लगा. फिर शुरू हुआ मुंबई पुलिस का बड़ा ऑपरेन, जिसमें सभी अपराधियों को धीरे-धीरे खत्म किया जाने लगा, फिलहाल गवली जेल में सजा काट रहा है.

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