यूपी के सीएम की रेस में हैं योगी आदित्यनाथ, साइंस ग्रेजुएट अजय सिंह से योगी बनने के सफर की 8 खास बातें..Everything about yogi aditynath

पूर्वांचल में एक कहावत मशहूर है ‘पूर्वांचल में रहना है तो योगी योगी कहना है’. यूपी चुनाव में बीजेपी के भारी बहुमत के पीछे योगी आदित्यनाथ का बीजेपी के लिए जमकर प्रचार भी एक कारण हैं. पूर्वांचल की अधिकत्तर सीटों पर योगी के रसूख के कारण ही बीजेपी को जीत मिली है.
योगी आदित्यनाथ फिलहाल गोरखपुर सीट से सांसद भी हैं, और इसी सीट से लगातार 5 बार चुने गए हैं. आइए जानते हैं योगी आदित्यनाथ के बारें में 8 बेहद खास बात-

1.कैसे बने अजय सिंह से योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ का वास्तविक नाम अजय सिंह है. अजय सिंह का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड में हुआ था. उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी से गणित में बीएससी किया था. 22 साल की उम्र में योगी ने संन्यास धारण कर लिया और गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आ गए.

2.राजनीति में पहला कदम
आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास ले लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया. यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई है. आदित्यनाथ महज 26 साल की उम्र में पहली बार गोरखपुर सीट से 1998 में सांसद बने. वो लगातार 5 बार इसी सीट से सांसद चुने गए हैं. किसी भी पार्टी का कोई प्रत्याशी किसी भी लहर में योगी आदित्यनाथ के सामने नहीं टिकता. जानकार मानते हैं कि योगी आदित्यनाथ जब तक इस सीट से चुनाव लड़ेंगे तब तक जीतेंगे.

3.कट्टर हिंदूत्व है पहचान
योगी आदित्यनाथ को बीजेपी का कट्टर हिंदू चेहरा माना जाता है. आदित्यनाथ अपने भाषणों से कई बार विवादों में भी घिर चुके हैं. धर्म परिवर्तन के खिलाफ योगी ने जबरदस्त काम किया, पूरे पूर्वांचल में अगर कहीं धर्म परिवर्तन की बात सामने आती है तो योगी या योगी आदित्यनाथ के लोग वहां पहुंच ही जाते हैं.

4.हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक
पूर्वांचल में युवाओं के बीच खासा मशहूर हिंदू युवा वाहिनी के संस्थापक हैं योगी आदित्यनाथ. ये संगठन हिंदूओं का सामाजिक और राष्ट्रवादी ग्रुप माना जाता है, खास तौर पर धर्म परिवर्तन के खिलाफ ये खुले तौर पर काम करते नजर आते हैं. लेकिन इस संगठन पर अक्सर गुंडागर्दी के आरोप लगते हैं जिसके कारण ये विवादों में भी रहता है.

5.साल 2008 में हुआ था जानलेवा हमला
योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता के कारण ही उनसे जलन ऱखने वाले भी काफी हैं. 7 सितंबर 2008 को योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ जिले में जानलेवा हमला हुआ. तब हमलावरों ने 100 से अधिक गाड़ियों को घेर लिया था कई लोग घायल हुए थे. इस हमले में योगी बाल-बाल बच गए थे.

6.जब जिलाधिकारी को हटाना पड़ा था
मुलायम सिंह यादव की सरकार में गोरखपुर में सांप्रदायिक हालात बेकाबू हो उठे थे. तब योगी ने उस इलाके में जाने का एलान किया, शहर में कर्फ्यू लगा था योगी और उनके सैंकड़ों समर्थकों को वहां जाने से रोक दिया गया. योगी आदित्यनाथ को गिरफ्तार कर लिया गया, गिरफ्तारी की खबर फैलते ही पूर्वांचल के कई जिलों में हिंसा होने लगी, आनन फानन में जिले के डीएम हरिओम माथुर का तबादला करना पड़ा था.

7.विवादित बोल
योगी कई बार विवादित भाषणों के कारण सुर्खियों में रहे हैं. पिछले दिनों आदित्यनाथ का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा था जिसमें वो कहते दिखी दे रहे थे किकि अगर मुस्लिम धर्म के लोग एक हिंदू लड़की को ले जाएंगे तो हम उनकी कम-से-कम 100 लड़कियों को ले आएंगे.

8.बीजेपी-आदित्यनाथ के बीच आई थी कड़वाहट
योगी और बीजेपी के रिश्तों में कड़वाहट की भी खबरें आती रहती हैं. साल 2007 में आदित्यनाथ ने पूर्वांचल में अपने पसंदीदा उम्मीदवारों की लिस्ट बीजेपी को सौंपी थी, लेकिन बीजेपी ने उनकी मांग ठुकरा दी. योगी जिसके बाद बीजेपी से बगावत पर उतारु हो गए थे लेकिन बाद में सबकुछ ठीक हो गया. इस पूरे प्रकरण के दौरान संसद में रो पड़े थे आदित्यनाथ.

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