गजब इंडिया: जानिए Metro पुल के नीचे चल रहे इस अनोखे School के बारे में

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वैसे तो दिल्ली में एक से बढ़कर एक School हैं, जिनकी बिल्डिंग किसी फाइव स्टार होटल से कम नहीं होती, लेकिन एक स्कूल ऐसा भी है, जहां न तो कोई क्लास रूम है और न ही कोई इमारत। यह स्कूल पूर्वी दिल्ली स्थित यमुना बैंक स्टेशन के पुल के नीचे चलाया जा रहा है।

स्कूल में 200 गरीब बच्चे

आपको बता दें इस स्कूल में 200 गरीब बच्चे पढ़ते हैं जो पैसों की कमी की वजह से न तो निजी स्कूल में जा सकते हैं और न ही इनको सरकारी स्कूल में जगह मिलती है। लेकिन बिना पढाई के भविष्य की कोई उम्मिद नहीं होती, इसी वजह से इन्हें यहां पढाया जा रहा है।

ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पालने वाले

वैसे तो ये भी चाहते हैं कि इनको अच्छी स्कूल में एडमिशन मिले, जिनसे इनके सपनों को उड़ान मिल सके, लेकिन इन मंहगे स्कूलों की फीस सुनकर ही इनके सपनों की उड़ान के पहले ही पंख कट जाते हैं। दरअसल इन बच्चो के मां-बाप मजदूरी करके या सब्जी का ठेला लगाकर अपने परिवार का पेट पालते है। यही वजह है कि फीस नही भर सकते। इसलिए वह अपने बच्चों को इस स्कूल में पढने के लिए भेजते है क्योंकि इस स्कूल में बच्चों से कोई फीस नही ली जाती।

दीवार पर काले पेंट वाला ब्लैक बोर्ड

इस स्कूल की स्थिती का अंदाजा आप इससे लगा सकते हैं कि स्कूल के बच्चों के लिए दीवार पर काला पेंट करके ब्लैक बोर्ड बनाया गया हैं और बैठने के लिए जमीन पर दरी बिछाई जाती है। यह स्कूल को चलाने वाले राजेश कुमार शर्मा लक्ष्मी नगर में एक जनरल स्टोर चलाते है।

एक मिशन के तहत

2006 से एक मिशन के तहत गरीब बच्चों को शिक्षा देने के लिए यमुना के जंगलो में स्कूल शुरू किया था, लेकिन बरसात के समय स्कूल बंद करना पड़ता था। इसलिए जब यमुना बैंक का मेट्रो स्टेशन बना तो उन्होंने अपने स्कूल को मेट्रो के पुल के नीचे शिफ्ट कर दिया। और ये बच्चे अब यहीं पर शिक्षित हो रहे हैं।

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