नोटबंदी के 1 साल बाद नफे नुकसान को जानना है तो ये 10 बातें आपके लिए हैं बेहद जरूरी

FACTS, THE NATION

ठीक एक साल पहले, रात के 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को चौंका देने वाला फैसला किया था. ‘मित्रों’ शब्द की अधिकता वाले उस भाषण में पीएम मोदी ने 500 और 1000 के नोट को बैन करने का ऐलान कर दिया. अगले दिन से शुरू हुई पैसों की जद्दोजहद के निशान आज भी देखने को मिलते हैं. इस एक साल के दौरान सत्ता पक्ष यानी मोदी सरकार ने नोटबंदी को एक सुधार और कालेधन के चोट जैसा दिखाया, वहीं विपक्ष ने इसे लोगों पर ‘चोट’ बताया है.

फोटो- यूट्यूब

नोटबंदी के एक साल की 10 खास बातें और खुद तय कीजिए:

1. नोटबंदी में कितने नोट चलन से बाहर हुए

8 नवंबर को ऐलान के बाद 500 और 1000 के 15 लाख 45 हजार करोड़ की कीमत के नोट, चलन से बाहर हो गए. यानी इसकी कीमत शून्य हो गई. इन नोटों को जल्द से जल्द बैंक में जमा कराने के लिए कहा गया था.

2. 99 फीसदी करेंसी की ‘घर वापसी’

9 महीने बाद यानी इस साल अगस्त में रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा था कि बंद हुए नोटों में से 15 लाख 28 हजार की कीमत के नोट बैंकों में वापस आ गए. यानी करीब 99 फीसदी नोटों की घर वापसी हो गई.. जब नोटबंदी हुई थी तो ये अटकलें लगाई जा रही थी कि बहुत सारा कालाधन नकदी के तौर पर होगा, जिससे बैंक में पुराने नोटों की वापसी की कीमत घट जाएगी, लेकिन 99 फीसदी नोट जब वापस हुए तो सवाल तो उठना ही था.

3. नोटों की गिनती जारी है

RBI ने अक्टूबर में ही एक सवाल के जवाब में कहा था कि अभी भी पुराने नोटों की गिनती जारी है. इस बात पर भी बहस सुर्खियों में रही कि पुराने नोटों के लिए नई गिनती वाली मशीनें खरीदी गईं या नहीं. फिलहाल, अबतक की जानकारी के मुताबिक नोटों की गिनती जारी है.

4. कैश के चलन में कमी आई है

सरकार इस बात को एक उपलब्धि के तौर पर गिना रही है कि फैसले के बाद कैश के चलन में कमी आई है. हालिया सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 17.77 लाख करोड़ नकदी चलन में थी जो 4 अगस्त 2017 को कम होकर 14.75 लाख करोड़ पर आ गयी है. यानी 83 फीसदी कम होकर आ गई है.

5. डिजिटेल लेनदेन में बूम आया है

नोटबंदी के डिजिटल पेमेंट सेक्टर में बूम आया है. पेटीएम इसका खास उदाहरण है. बताया जा रहा है की इस सेक्टर की जो ग्रोथ रेट है वो करीब दोगुना बढ़ गई है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2016-17 में जितना डिजिटल ट्रांजेक्शन हुआ है उतना पहले कभी भी नहीं हुआ. हालांकि, आप खुद समझ सकते हैं कि अगर आपके पास कैश है ही नहीं तो आप लाख चाहकर भी कैश से पेमेंट कैसे करेंगे कोई उपाय तो आपको ढूंढना ही होगा. चाहे वो उपाय आपको पसंद हो या नहीं.

6. इनकम टैक्स बढ़ा है

नोटबंदी का इसे फायदा ही कहेंगे कि पिछले साल की तुलना में नोटबंदी के बाद डायरेक्ट टैक्स में इजाफा हुआ है. इनकम टैक्स से सरकार के राजस्व में वृद्धि हुई है.

7. करीब 18 लाख संदिग्ध खातों की पहचान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के बाद 17.73 लाख बैंक अकांउट संदिग्ध पाए गए हैं जिन्हें नोटिस भी भेजा गया जिनमें से 11.8 लाख लोगों ने ऑनलाइन तरीकों से जवाब दाखिल किया है.

8. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

नोटबंदी के बाद कुछ परेशान लोगों ने अपनी शिकायतों को देश के सबसे बड़ी अदालत, सुप्रीम कोर्ट में रखा. सुप्रीम कोर्ट ने समय समय पर निर्देश भी दिए. हाल के निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि जिन लोगों के पास पुराने नोटों को जमा न कर पाने की वाजिब वजह है उनके नोट क्यों नहीं जमा किए जा रहे हैं. हाल ही में ऐसे ही 14 याचिकाकर्ताओं को कोर्ट ने संविधान पीठ जाने के लिए कहा है.

9. केंद्र सरकार की याचिकाकर्ताओं को राहत

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि ऐसे याचिकाकर्ता जो पुराने नोटों को जमा नहीं कर पाने की वजह को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं सरकार उन पर किसी भी प्रकार की कोई भी कार्रवाई नहीं करेगी.

10. विपक्ष के कई सवाल

  • इस पूरी प्रक्रिया और अबतक विपक्ष ने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले पर कई तरह के सवाल पूछे हैं. जैसे
  • नोटबंदी के दौरान जिन लोगों की मौत हुई थी उस मौत का जिम्मेदार कौन है?
  • ज्यादातर पैसा जब बैंकों में वापस आ गया तब सिस्टम के कालेधन की जो बात हो रही थी उसका क्या हुआ?
  • नोटबंदी से जिन उद्योगों का तात्कालिक नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कौन करेगा
  • जब पूरी तैयारी नहीं थी, तभी बार-बार नियम बदले गए, लोगों को दिक्कते हुईं, जिम्मेदार कौन है?

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