UPSC

इन दो फैसलों पर मचा हुआ है बवाल, क्या UPSC के साथ छेड़छाड़ कर रही है मोदी सरकार?

FACTS, PEOPLE

संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की तैयारी करने वालों के लिए बड़ृी खबर है. मोदी सरकार नौकरशाही में अबतक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रही है. इस बदलाव के मुताबिक, प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले, बिना यूपीएससी की परीक्षा पास किए डायरेक्ट सरकार के बड़े अधिकारी बन सकते हैं

फोटो- मिंट

UPSC के बिना अधिकारी बनने की नोटिफिकेशन जारी

इस संबंध में सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. अलग-अलग मिनिस्ट्री में 10 बड़े पदों के लिए आवदेन मंगाया गया है. किसी प्राइवेट कंपनी में 15 साल के अनुभव रखने वाले, मिनिस्ट्री में डायरेक्ट एंट्री पा सकते हैं. जाहिर है कि इस फैसले की तारीफ और आलोचना भी अपने-अपने हिसाब से होगी.

फोटो-ट्विटर

विपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

विपक्ष का सीधा और साफ आरोप है कि अब अहम पदों पर केंद्र सरकार, संघ और बीजेपी के लोगों की एंट्री कराना चाहती है. आप सोचिए कि जब नौकरशाही की बात आती है, तमाम खामियों के बावजूद भी इसे सरकार निरपेक्ष बताया जाता है, मतलब सरकारें तो बदलती रहेंगी लेकिन अफसरों पर इसका प्रभाव नहीं होगा. ऐसे में इस फैसले के बाद क्या यही स्थिति बनी रह पाएगी.

इससे पहले भी हो चुका है विवाद

फोटो-ट्विटर

मोदी सरकार पर इस फैसले के बाद यूपीएससी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लग रहे हैं, इससे पहले हाल ही में केंद्र सरकार पर नौकरशाही को खास एजेंडे के तहत लाने के आरोप लगे थे. दरअसल, यूपीएससी एग्जाम में चुने जाने के बाद सभी अभ्यार्थियों को तीन महीने का फाउंडेशन कोर्स कराया जाता है.

अभी तक फाउंडेशन कोर्स शुरू होने से पहले ही कैडर और सेवा क्षेत्र तय कर दिया जाता है. लेकिन अब इस व्यवस्था में भी बदलाव की बात की जा रही है, प्रस्तावित व्यवस्था में फाउंडेशन कोर्स के बाद कैंडिडेट्स का कॉडर और सर्विस आवंटित करने की बात कही गई है.

यानी एक रिव्यू कमेटी अलग बनेगी जो फाउंडेशन कोर्स में ये जांचेगी कि किस अभ्यर्थी की क्या मानसिकता है और उसे किस जगह भेजना उचित होगा. ये मनपसंद तैनाती वाली बात हो जाएगी.ऐसे में इन दोनों बदलाव के नतीजे चाहें जो भी हो. यूपीएससी में बड़े फेरबदल होने की आशंका तो बनी हुई है…

Leave a Reply