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स्विस बैंक में जमा भारतीयों की रकम में भारी बढ़ोतरी, कैसे काम करते हैं ये बैंक, यहां जानिए

FACTS

स्विस बैंक में जमा भारतीयों का पैसा वापस देश में लाने का वादा कर सरकारें सत्ता में तो आ गईं. लेकिन इस दिशा में अबतक कोई कारगर कदम नहीं उठाया जा सका है. अब खबर ये आ रही है कि स्विस बैंक में जमा भारतीयों के पैसे में भारी बढ़ोतरी हुई है. 2017 में इस रकम में 50 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हो गया है. पिछले 4 साल में पहली बार भारतीयों के पैसे बढ़ोतरी हुई है और ये आंकड़ा बढ़कर 7 हजार करोड़ के पार पहुंच गया है. स्विस नेशनल बैंक के हालिया आंकड़ों से ये खुलासा हुआ है.

फोटो-echeck

4 साल में पहली बार स्विस बैंक में बढ़ा पैसा

4 साल में पहली बार ये इजाफा देखने को मिला है, इससे पहले के 3 साल में लगातार भारतीयों के पैसे में गिरावट ही देखने को मिली थी. 2016 में तो इसमें 45 फीसदी तक की गिरावट आई थी. जो 1987 के बाद से अबतक की सबसे कम रकम थी. ऐसे वक्त जब देश में चुनाव सिर पर है और फिर से विकास, भ्रष्टाचार और कालेधन की गूंज सुनाई देने वाली है, उस वक्त स्विस बैंक में इस कदर भारतीयों के धन में बढ़ोतरी चिंतित करने वाली है. आपको बता दें कि कालाधन बाहर भेजने वाले टॉप 5 देश हैं, रूस, चीन, मेक्सिको, भारत, मलेशिया.

कैसे काम करते हैं ये बैंक

स्विस बैंकों में कस्टमर की प्राइवेसी को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाती है. साल 1713 में कुछ नियम बनाए गए थे तब से लेकर आजतक इन बैंकों को कस्टमर से जुड़ी विशेष गोपनियता के लिए जाना जाता है. ये भी बता दें कि अगर स्विट्जरलैंड में बैंकर अपने कस्टमर से जुड़ी जानकारी किसी दूसरे को देता है तो ये क्राइम है.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्विट्जरलैंड में करीब 400 बैंक हैं. हर एक में ऐसी ही गोपनियता है. इन 400 बैंकों में यूबीएस और क्रेडि सुईस ग्रुप सबसे बड़े हैं. इन बैंकों में जिन खातों को सबसे ज्यादा प्राइवेसी मिलती है उसे Numbered Account कहते हैं. इसमें खाते से जुड़ी हर एक बात होती है. सिर्फ कुछ ही लोगों को पता होता है कि ये खाता किसका है. जो जानकारी किसी दूसरे के लिए हासिल कर पाना तकरीबन नामुमकिन है.

ये खबर इंडियन एक्सप्रेस में यहां पढ़ें 

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