रावण

दशहरा स्पेशल: जानिए कैसे रावण की पत्नी मंदोदरी ही बनी उसके वध की सबसे बड़ी वजह?

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 अच्छाई के प्रतीक भगवान राम ने बुराई के प्रतीक दस सिर वाले रावण को खत्म किया था. इसी के प्रतीकात्मक हर्ष के लिए दशहरे का पर्व मनाया जाता है. रावण की मौत उसके भाई विभीषण की मुखबिरी के बदौलत ही सुनिश्चित हो पाई. ऐसे में कुछ लोग उसे रावण के मौत की असली वजह भी मानते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि रावण के मौत की एक वजह खुद उसकी पत्नी भी थी. आइए जानते हैं क्या है किस्सा:
(फोटो: ट्विटर)

रावण की मौत वाले तीर का राज

मान्यताओं के मुताबिक, रावण ने पूजा अर्चना कर भगवान ब्रह्मा से अमरता का वरदान मांगा था. ब्रह्माजी ने ऐसा वरदान देने की बजाय कहा था कि रावण की हत्या सिर्फ और सिर्फ एक विशेष तरीके के तीर से ही हो सकती है. ब्रह्माजी ने रावण को वो तीर सुपुर्द किया था.

रावण ने छिपा दिया वो तीर

मान्यताओं के मुताबिक, उस तीर को रावण अपने साथ महल ले गया और अपने कक्ष में एक स्तंभ में उस तीर को चुनवा दिया. इसकी जानकारी सिर्फ खुद रावण और उसकी पत्नी मंदोदरी को थी.

हनुमानजी ऐेसे हो गए कामयाब

रावण की मौत का राज जानने के लिए हनुमानजी लंका में थे. वो एक ज्योतिषि के वेश में लंका में विचरण कर रहे थे और ऐसी अफवाह फैलाई थी कि एक बहुत पहुंचे हुए ज्योतिषि दूर किसी देश से राज्य में आए हैं और हर बात सच बता रहे हैं. मंदोदरी तक ये बात पहुंची और उन्होंने हनुमानजी को बुलावा भेजा.

रावण की तीर का राज खुल गया

हनुमानजी ने मंदोदरी के कठिन से कठिन सवालों का जवाब और रावण से जुड़े कुछ ऐसे किस्से बता दिए जो किसी को भी नहीं पता था. हनुमानजी ने इस बात का भी डर दिखाया कि रावण के साथ कुछ अनिष्ठ हो सकता है और पूछ लिया तीर का राज. मंदोदरी को अपने पति के मृत्यु का डर सता रहा था ऐसे में उसने हनुमानजी के सामने बोल ही दिया कि तीर, किस स्तम्भ में चुनवाया गया है.

हनुमानजी तीर लेकर भगवान राम के पास पहुंचे

जानकारी हासिल कर हनुमानजी स्तंभ से तीर ले आए और सीधा भगवान राम को सुपुर्द कर दिया उसी तीर से रावण का वध हुआ. साफ है कि सिर्फ विभीषण ही रावण की मौत का कारण नहीं था, मंदोदरी के इस राज को खोलने के बाद ही रावण को खत्म किया जा सका.

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