बस कुछ ही समय नंबर 1 रहेंगे सरदार, फिर शिवाजी होंगे दुनिया में सबसे ऊंचे

THE NATION

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इससे पहले उन्होंने गंगा, यमुना, नर्मदा समेत 30 छोटी-बड़ी नदियों के जल से प्रतिमा के पास स्थित शिवलिंग का अभिषेक किया। 30 ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार किया। सरदार सरोवर पर बनी पटेल की यह प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ दुनिया में सबसे ऊंची है।

गुजरात में बने ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ से भी बड़ा छत्रपति शिवाजी का स्टैच्यू मुंबई में अरब सागर में बनाया जाएगा। जो दुनिया का सबसे बड़ा स्टैच्यू कहलाया जाएगा। (शिवाजी के प्रस्तावित स्टैच्यू का मॉडल) दरअसल आापको बता दें मुंबई तट पर बनने वाली छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की ऊंचाई दो मीटर बढ़ा दी गई है। पूरा होने पर यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। आपको बता दें ‘चीन में स्प्रिंग टेंपल बुद्धा 208 मीटर ऊंचा रखने का प्रस्ताव था और हमारा स्मारक 210 मीटर ऊंचा होना था। लेकिन चीनी अधिकारियों ने मूर्ति की बुनियाद पर कुछ काम किया और ऊंचाई 210 मीटर तक पहुंच गई। इसके बाद हम डिजायन में संशोधन करने और ऊंचाई बढ़ाकर 212 मीटर करने को प्रेरित हुए।

 

खबरों के अनुसार शिवाजी की प्रतिमा को कांस्य मिश्र धातु से बनाया जाएगा, ताकि प्रतिमा खारा समुद्री वातावरण, जंग और हवा के दबाव का सामना कर सके। इसके अलावा दो चरणों में स्मारक और उससे संबंधित सुविधाओं के लिए लगभग 10 हेक्टेयर का एक क्षेत्र चट्टान पर विकसित किया जाएगा। इस मेमोरियल में शिवाजी, दो जेटी, लाइब्रेरी, हेलीपैड, मेडिकल सुविधा, रंगभूमि और म्यूजिम होंगे।

रिपोेर्ट्स के अनुसार, अनुमान लगाया जा रहा है शिवाजी के विशाल स्टैच्यू को बनने में 3 साल लग सकते हैं। यानी इस स्टैच्यू के बनने का काम साल 2021 में पूरा हो जाएगा। बता दें, ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ की ऊंचाई जहां 182 मीटर है वहीं शिवाजी के स्टैच्यू की ऊंचाई 212 मीटर होगी। जो सरदार की विशाल मूर्ति से 30 मीटर ज्यादा होगी। शिवाजी के इस स्टैच्यू को ‘शिव स्मारक’ के नाम से जाना जाएगा। बता दें, जैसे सरदार पटेल की मूर्ति को पर्यटक स्थल बनाया जा रहा है, वैसे ही शिवाजी स्मारक को भी पर्यटकों के लिए बनाया जाएगा।

जैसे ही ये तैयार हो जाएगी, पर्यटक यहां चार स्थानों से पहुंच सकेंगे. जिसमें गेटवे ऑफ इंडिया, नरीमन पाइंट, कोलाबा रेडियो क्लब और सागर संगम का नाम शामिल है। इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शिवाजी की इस मूर्ति को बनाने में 3600 करोड़ का खर्चा आएगा।

आपको बता दें, शिवाजी की ऐतिहासिक मूर्ति का डिजाइन पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित मूर्तिकार राम सुतार जी ने तैयार किया है। इन्होंने ने ही सरदार पटेल की मू्र्ति का डिजाइन तैयार किया है. वहीं ‘लार्सन एंड टूब्रो’ कंपनी को ही इस मूर्ति को बनाने का ठेका दिया है। सरदार पटेल की मूर्ति का ठेका भी इसी कंपनी को दिया गया था।

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