फैजाबाद

अयोध्या उर्फ फैजाबाद का इतिहास, हिंदू धर्म की मान्यताओं से लेकर अली वर्दी खान तक की बात

FACTS, TRAVEL

योगीराज में एक और नामकरण होकर जिला फैजाबाद अब अयोध्या बन गया है. सरयू नदी के तट पर स्थित इस नगर की स्थापना बंगाल के नवाब अलीवर्दी खान ने की थी. फ़ैज़ाबाद की नींव अवध के दूसरे नवाब सआदत खान ने रखी थी.उनके उत्तराधिकारी सुजा-उद-दौला ने इसे अवध की राजधानी बनाया. फैजाबाद एक बस्ती के रूप में, करीब 220 साल पहले विकसित हुआ था. अवध के दूसरे नवाब सफ़दर जंग (1739-54) ने इसे अपने सैन्य मुख्यालय के रूप में बनाया.

Original

फैजाबाद को खूबसूरत बनाने में कौन-कौन शामिल

सुजा-उद-दौला के शासनकाल के दौरान, फैजाबाद ने ऐसी समृधि प्राप्त की, जिसे यह नगर फिर कभी नहीं देख सका. नवाबों ने खूबसूरत इमारतों का निर्माण कराकर फैजाबाद को खूबसूरत बना दिया, इनमें गुलाब बारी, मोती महल और बहू बेगम की कब्र हैं. गुलाब बारी एक सुंदर वास्तुकला का सुंदर भवन है, सुजा-उद-दौला की पत्नी सुप्रसिद्ध बहू बेगम थी, जिन्होंने 1743 में नवाब से शादी की और फैजाबाद में रहना जारी रखा, उनका निवास मोती-महल था. बेगम की मृत्यु से अवध के कब्जे तक फैजाबाद अपनी कीर्ति खोता रहा. नवाब असफ उद-दौलिया द्वारा अपनी राजधानी लखनऊ ले जाने साथ ही फैजाबाद की गरिमा धीरे धीरे कम होने

हिंदू धर्म की जड़ें अयोध्या से जुड़ी हुई हैं

हिंदू धर्म की जड़े भी इस जिले से जुड़ी हुई हैं, अयोध्या प्राचीन समय में कोसल राज्य की राजधानी और प्रसिद्ध महाकाव्य रामायण की पृष्ठभूमि का केंद्र थी. भगवान राम की जन्मस्थली होने के कारण अयोध्या को हिन्दुओं की प्रमुख तीर्थस्थली में से माना जाता है. इसी कारण कई धार्मिक और ऐतिहासिक स्थान फैजाबाद में हैं.

हिंदू धर्म से जुड़े कई ऐतिहासिक स्थल

फोटो-फैजाबाद सरकारी वेबसाइट

नागेश्वर नाथ मंदिर,शिव भगवन को समर्पित यह मंदिर राम की पैड़ी में स्थित है. ऐसी मान्यता है कि इसका निर्माण श्री राम के छोटे पुत्र कुश ने करवाया था.

राम की पैड़ी सरयू नदी के किनारे स्थित घाटों की एक श्रंखला है. पूर्णिमा के दिन इस स्थान की सुन्दरता देखते बनती है. श्रद्धालुओं में ऐसी मान्यता है कि यहाँ स्नान करने से पाप धुल जाते हैं. पवनपुत्र हनुमान को समर्पित यहाँ मंदिर अयोध्या रेलवे स्टेशन से 1 किमी दूरी पर स्थित है, इस मंदिर का निर्माण विक्रमादिय द्वारा करवाया गया था जो आज हनुमान गढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है. ऐसी मान्यता है की पवनपुत्र हनुमान यहाँ रहते हुए कोतवाल के रूप में अयोध्या की रक्षा करते हैं.

Leave a Reply