यहां देखिए दुनिया के 10 विशाल और अद्भुत रॉक स्टैच्यू

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लगता है दुनिया में विशालकाय स्कल्पचर्स का दौर चल रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी जी ने सरदार पटेल की मूर्ति काअनावरण किया है जो वर्तमान में दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, कुछ ही समय बाद महाराष्ट्र में शिवाजी की इससे भी ऊंची प्रतिमा बनने वाली है।  वैसे तो देखने को बहुत सारी विशालकाय प्रतिमाएं है इस दुनिया में, लेकिन रॉक स्टैच्यू की भव्यता तो देखते ही बनती है। कुछ रॉक स्टैच्यू तो इतने विशालकाय हैं कि आप इन्हें देखकर आश्चर्यचकित हो जाएंगे। रॉक स्टैच्यू का मतलब होता है एक बहुत बड़ी चट्टान या पहाड़ी को काटकर उसे एक मूर्ति का आकर देना। आइए आपको बताते हैं विश्व के 10 विशाल और अदभुत रॉक स्टैचू के बारे में।


श्रवणबेलगोला मैसूरश्रवणबेलगोला
श्रवणबेलगोला कर्नाटक राज्य के मैसूर शहर में स्थित है। श्रवणबेलगोला मैसूर से 84 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां का मुख्य आकर्षण गोमतेश्वर/ बाहुबलि स्तंभ है। बाहुबलि मोक्ष प्राप्त करने वाले प्रथम तीर्थंकर थे। यहाँ के गंग शासक रचमल्ल के शासनकाल में चामुण्डराय नामक मंत्री ने लगभग 983 ई. में बाहुबलि (गोमट) की विशालकाय जैन मूर्ति का निर्माण करवाया था। श्रवणबेलगोला की एक छोटी पहाड़ी की चोटी पर स्थापित यह प्रतिमा 56 फुट से भी अधिक ऊंची है।

विशालकाय मैत्रेय बुद्ध – चीन 
चीन में येलो रिवर के किनारे एक कैनियन में बिंगलिंग टेम्पल है। इस टेम्पल में 600 से अधिक रॉक स्टैचू है थे, विशालकाय मैत्रेय बुद्ध उनमे से सबसे बड़ी है, इसकी ऊँचाई 100 फीट है।

स्टैचू ऑफ शापर प्रथम – ईरान
इसकी विशालता देखने लायक है। यह द्वितीय सैसानियन राजा शापर प्रथम की मूर्ति है। उसकी 21 फीट (6.7 मी.) ऊंची स्टैचू शापूर गुफा में तैयार की गई थी। 14 वीं शताब्दी के बाद इसे भूकंप से नुकसान पहुंचा था। इसका एक हाथ और पैर नहीं है फिर भी इसे काफी संभाल कर रखा गया।

अवुकाना बुद्ध प्रतिमा – केकरीवारा, श्रीलंका
इस 40 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण 5वीं शताब्दी में किया गया था। इसका निर्माण एक ही ग्रेनाइट की चट्टान से किया गया है।

तीर्थंकर मूर्तियां – ग्वालियर, भारत
भारत का ग्वालियर इन मूर्तियों के लिए पूरे विश्व में फेमस है। पूरे भारत में प्राचीन जैन टेम्पल और गुफा-मंदिरों में तीर्थंकरों की सुंदर मूर्तियां मिलती हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर शहर में एक पहाड़ी की चट्टान पर 100 से अधिक तीर्थंकर मूर्तियां बनी हैं, लेकिन इनके केवल सिर ही दिखाई देते हैं।

ग्रेट स्फिंक्स – गीजा
इसकी भव्यता को निहारते रह जाएंगे आप। विश्व की सबसे प्राचीन और विशाल मूर्तियों में से एक है ‘ग्रेट स्फिंक्स’। इसकी विशालता हजारों साल से यह एक बड़ा रहस्य है और आर्कियोलॉजी में भी बहस का गंभीर मुद्दा बनी है।

भगवान बुद्ध की विशाल मूर्ति – लेशान, चीन 
चीन के लेशान में पत्थर पर बनी भगवान बुद्ध की मूर्ति 233 फीट (71 मीटर) ऊंची है। यह मूर्ति शिजुओ की पहाड़ी पर आठवीं शताब्दी में तैयार की गई थी।

ल्यूसर्न का मरा हुआ शेर – ल्यूसर्न, स्विट्ज़रलैंड
इसका निर्माण 1818 में शुरू हुआ और 1821 में पूरा हुआ। इस प्रतिमा का निर्माण 1792 की फ्रेंच क्रांति में हुए एक नरसंहार में मारे गए स्विस गार्ड्स के सम्मान में किया गया था। 33 फीट लम्बी और 20 फीट चौड़ी है यह प्रतिमा।

माउंट रुश्मोरे – साउथ डकोटा, यूनाइटेड स्टेट्स
रुश्मोरे का निर्माण 1927 में शुरू हुआ था और इसे पूरा होने में 14 साल लगे थे। इसमें अमेरिका के चार राष्ट्रपतियों जॉर्ज वाशिंगटन, थॉमस जेफरसन, थियोडोर रूजवेल्ट, और अब्राहम लिंकन के चेहरों को बनाया गया है।

स्टैचू ऑफ डेसेबालस – ओर्सोवा, रोमानिया
रोमानिया के ओर्सोवा में यह मूर्ति 131 फीट (40 मीटर) ऊंची डेन्यूब नदी के किनारे बनाई गई। यह यूरोप की सबसे ऊंची रॉक स्टैचू है।

दा अप्पेन्निने कोलोसस – फ्लोरेंस, इटली
इसका निर्माण विला मेडिसी के बगीचों में 1579 में किया गया था। इस मूर्ति की खासियत यह है कि इसके अंदर कई फाउंटेन और ओर्केस्ट्रा के लिए एक छोटा सा कक्ष भी है

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