अगस्ता वेस्टलैंड

अगस्ता वेस्टलैंड केस: कथित घोटाले से लेकर मिशेल जेम्स के ‘खुलासे’ तक की हर बात

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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. इस सौदे के कथित बिचौलिया क्रिश्चियन मिशेल जेम्स से पूछताछ जा रही है और अब ED का दावा है कि मिशेल ने अपने बयान में सोनिया गांधी का जिक्र किया है. इंटरपोल के रेड कॉर्नर नोटिस के बाद उसे साल 2017 में दुबई में गिरफ्तार किया गया था. तब से वो जेल में था, अब भारत लाया गया है.

फोटो- अगस्ता वेस्टलैंड

बीजेपी-कांग्रेस का एक दूसरे पर आरोप

कांग्रेस का दावा है कि मोदी सरकार ने ब्लैकलिस्टेड कंपनी, अगस्ता वेस्टलैंड को ‘मेक इन इंडिया’ का हिस्सा बनाया और भारतीय नौसेना की 100 हैलीकॉप्टरों की खरीद में शामिल किया. यही नहीं,मोदी सरकार ने तो अगस्ता वेस्टलैंड के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय अदालतों में मुकदमा हारने के बाद अपील तक नहीं की. वहीं बीजेपी का दावा है कि कांग्रेस घबराहट में है और हर ऐसे केस में कांग्रेस का ही नाम आता है.

आखिर क्या है ये अगस्ता वेस्लैंड केस?

साल 2010 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने यूके की कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से 12 हेलीकॉप्टरों की डील साइन की थी. इनमें से 8 हेलीकॉप्टर पीएम, राष्ट्रपति और बाकी हस्तियों के लिए इस्तेमाल होने थे. 4 का इस्तेमाल एसपीजी को ले जाने में किया जाता.

डील की लागत 3600 करोड़ तय की गई थी

2014 में ऐसे आरोप लगे कि इस डील के लिए 360 करोड़ की कमीशन दी गई है. कॉन्ट्रैक्ट खारिज हो गया. इस मामले को बाद में रक्षा मंत्रालय ने सीबीआई को सौंप दिया. जांच में वायुसेना के पूर्व चीफ एसपी त्यागी और उनके रिश्तेदारों के नाम सामने आए. सीबीआई ने पूर्व एयर चीफ एसपी त्यागी समेत 18 लोगों को आरोपी बनाया गया है.

कैसे सामने आया घपला?

इस घोटाले का पता इटली की एक कंपनी फिनमेक्कनिका के पूर्व मुखिया ओरसी की गिरफ्तारी के बाद चला. ओरसी पर भारत सरकार से वीवीआईपी हेलिकॉप्टरों के इस सौदे को हासिल करने के लिए कथित तौर पर 362 करोड़ रुपए की रिश्वत देने का आरोप लगा. फिनमेक्कनिका की ही सब्सिडरी कंपनी है अगस्ता वेस्टलेंड. आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों ने डील हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को घूस खिलाई.

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