बीजेपी

मोदी सरकार अब एजेंसियों के जरिए कंप्यूटर की भी निगरानी करा लेगी? हर बात जानिए

Dhang Ki Baat, PEOPLE

देश में पिछले कुछ साल से प्राइवेसी पर जोर है. आधार से लेकर फेसबुक पर सवाल उठ गए हैं. अब इसी क्रम में एक नई खबर से चौंकना हो जाना चाहिए. गृह मंत्रालय की तरफ से एक नोटिफिकेशन जारी किया गया है, जिसके मुताबिक देश की 10 एजेंसियों के पास अधिकार है कि वो देश के किसी भी कंप्यूटर का डेटा चेक कर सकते हैं. भले ही कंप्यूटर का मालिक तैयार हो या न हो.

निगरानी वाली वो 10 कंपनियां कौन-कौन सी हैं?

  1. इंटेलिजेंस ब्यूरो
  2. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
  3. इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट
  4. सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज
  5. डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस
  6. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन
  7. नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी
  8. कैबिनेट सेक्रेटेरिएट (RAW)
  9. डायरेक्टरेट ऑफ सिग्नल इंटेलिजेंस
  10. कमिश्नर ऑफ पुलिस, दिल्ली

इन एजेंसियों को अब आईटी एक्ट 2000 के तहत किसी कंप्यूटर में रखी गयी जानकारी देखने, नजर रखने और उनका विश्लेषण करने का अधिकार होगा. इस एक्ट के सेक्शन 69 के मुताबिक, अगर कोई राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन रहा है या देश की अखंडता-संप्रभुता के खिलाफ काम कर रहा है तो एजेंसियां उनके कंप्यूटर और डेटा की निगरानी कर सकती हैं

विपक्ष इसे आपातकाल बता रहा है?

इस नए नोटिफिकेशन का सोशल मीडिया से लेकर संसद तक पुरजोर विरोध हो रहा है. विपक्ष का कहना है कि सरकार के इस फैसले से देश में अघोषित आपातकाल लागू हो गया है. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए उन्हें तानाशाह बता डाला. कांग्रेस का कहना है कि तीन राज्यों में हार के बात अब घर-घर की बात सुनना चाहती है मोदी सरकार.

सरकार की सफाई

वहीं इस मामले में सरकार का कहना है कि विपक्ष आम लोगों को भ्रम में डाल रहा है, ये अधिकार एजेंसियों के पास पहले से थे. उसने सिर्फ इसे दोबारा जारी किया है. लेकिन सवाल एक और भी है कि इसे दोबारा और इसी वक्त जारी करने की जरूरत क्यों पड़ी?

Leave a Reply