इंदिरा गांधी के तीसरे बेटे कमलनाथ, जिन्होंने मोदी-शाह-शिवराज को मात दी

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मध्य प्रदेश में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद कांग्रेस सरकार बनाने की तैयारी में जुटी है। मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इसकी घोषणा होनी बाकी है। हालांकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ (Kamal Nath) रेस में आगे बताए जा रहे हैं। वैसे कमलनाथ की क्षमता और क़ाबिलियत को लेकर उनके विरोधी भी संदेह नहीं रखते, ये बात दूसरी है कि कमलनाथ ख़ुद को बड़ा ही लो प्रोफ़ाइल रखते आए हैं।  वरना गांधी परिवार से निकटता, पूरे पचास साल का राजनीतिक जीवन और ख़ुद का अरबों का कारोबारी साम्राज्य, उन्हें हरवक़्त चर्चा में बनाए रखने के लिए कम नहीं हैं।

दरअसल, कमलनाथ संजय गांधी के स्कूली दोस्त थेदून स्कूल से शुरू हुई दोस्ती, मारुति कार बनाने के सपने के साथ-साथ युवा कांग्रेस की राजनीति तक जा पहुंची थी।

कमलनाथ (Kamal Nath) के बारे में जानिए
कमलनाथ का जन्म 18 नवंबर 1946 को यूपी के कानपुर में हुआ। देहरादून के दून स्कूल में शुरुआती पढ़ाई के बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी के सेंट जेवियर कॉलेज से बीकॉम की पढ़ाई किए हैं। अर्थक्षेत्र की अच्छी-खासी जानकारी रखते हैं और बिजनेसमैन भी हैं। राजनीतिक करियर की बात करें तो लोकसभा के अतिवरिष्ठ सांसदों में शुमार हैं। मध्य प्रदेश की छिंदवाड़ा लोकसभा सीट से लगातार नौ बार सांसद होने का रिकॉर्ड है। कमलनाथ पहली बार सातवीं लोकसभा यानी 1980 में जीते। वह फिर 1985, 1989 और 1991 में भी जीते। जून 1991 में पहली बार वह केंद्रीय मंत्री बने। उन्हें पर्यावरण और वन मंत्रालय में केंद्रीय राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार का पद मिला।

गांधी परिवार के नजदीकी रहे हैं कमलनाथ
नेहरू-गांधी परिवार के करीबी रहे हैं।संजय गांधी के बचपन के दोस्त और दून स्कूल के दौरान क्लासमेट रहे हैं। कमलनाथ दइंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नॉलजी ए मैनेजमेंट इंस्टीट्यूशन के बोर्ड ऑफगवर्नर्स के अध्यक्ष रहे हैं। सितंबर 2011 में कमलनाथ को सबसे धनी केंद्रीय मंत्री घोषित हुए। उनके पास 273 बिलियन यानी दो अरब 73 करोड़ रुपये की संपत्ति रही। पीपीपीमॉडल और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, वर्ल्ड मार्केट को लेकर गहरी जानकारी रखते हैं। 2011 में दवोस में हुई वर्ल्ड इकॉनमिक फोरममें कमलनाथ अपने विचार व्यक्त कर चुके हैं।

पत्रकार विनोद मेहता ने अपनी किताब संजय गांधी – अनटोल्ड स्टोरी में लिखा है कि यूथ कांग्रेस के दिनों में संजय गांधी ने पश्चिम बंगाल में कमलनाथ को सिद्धार्थ शंकर रे और प्रिय रंजन दासमुंशी को टक्कर देने के लिए उतारा था।

इतना ही नहीं जब इमरजेंसी के बाद संजय गांधी गिरफ्तार किए गए तो उनको कोई मुश्किल नहीं हो, इसका ख़्य़ाल रखने के लिए जज के साथ बदतमीज़ी करके कमलनाथ तिहाड़ जेल भी पहुंच गए थे।

इन वजहों से वे इंदिरा गांधी की गुड बुक्स में आ गए थे, 1980 में जब पहली बार कांग्रेस ने उन्हें मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से टिकट दिया था। उनके चुनाव प्रचार में इंदिरा गांधी ने अपने भाषण में कहा था,- मैं नहीं चाहती कि आप लोग कांग्रेस नेता कमलनाथ को वोट दीजिए। मैं चाहती हूं कि आप मेरे तीसरे बेटे कमलनाथ को वोट दें।

कांग्रेस को लंबे समय से कवर कर रहे एनडीटीवी इंडिया के राजनीतिक संपादक मनोरंजन भारती कहते हैं, – लोग ये भी कहने लगे थे कि इंदिरा के दो हाथ- संजय गांधी और कमलनाथ।

 

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