हिटलर के फैन थे बाला साहेब, माइकल जैक्सन को मुंबई बुलाया, जानिए बाला साहेब के बारे में खास बातें

PERSONALITIES

महाराष्ट्र की राजनीति में शेर समझे जाने वाले नेता बाला साहेब ठाकरे के बारें में आपने बहुत कुछ सुना होगा. बाल ठाकरे एक राजनेता से ज्यादा अपने आप को महाराष्ट्र का संरक्षक समझते आए. शिवसेना की स्थापना से लेकर अपने निधन के दिनों तक महाराष्ट्र और मराठियों को लेकर उनका अगाध प्रेम बना रहा, 23 जनवरी 1926 को उनका जन्म हुआ था, आइए जानते हैं इस मराठी मानुष के जीवन के बारे में खास बातें

बाला साहेब ठाकरे के पिता भी सामाजिक कार्यकर्ता थे

बाल ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को केशव सीताराम ठाकरे नाम के सामाजिक कार्यकर्ता और लेखक के घर हुआ था. बाल ठाकरे के 9 भाई बहन थे, इनमें बालासाहेब सबसे बड़े थे. बाल ठाकरे पर अपने पिता का सबसे ज्यादा प्रभाव था. बाल ठाकरे को उनके समर्थक प्यार से बालासाहेब बुलाते आए हैं, जो आज भी कायम है.

बाला साहेब ठाकरे

कार्टूनिस्ट के तौर पर शुरू किया करियर

50 के दशक में बाला ठाकरे ने बतौर कार्टूनिस्ट अपना करियर शुरू किया, सामाजिक मुद्दे पर कार्टून बनाकर वो लोग को जागरुक किया करते थे. फ्री प्रेस जर्नल में कार्टूनिस्ट के तौर पर काम करने वाले ठाकरे, मशहूर कार्टूनिस्ट आर के लक्ष्मण के सहयोगी भी रह चुके हैं. 1960 में बाला साहेब ने मार्मिक नाम से साप्ताहिक समाचार पत्र लॉन्च किया, जिसमें कार्टूनों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को पेश किया जाता था.

शिवसेना की स्थापना

19 जून 1966 में बाल ठाकरे ने शिवसेना की स्थापना की, बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र और मराठियों को सर्वोच्च बनाने के लिए इस संगठन की स्थापना की, मकसद था मराठियों को महाराष्ट्र में नौकरी जैसी प्राथमिक सुविधाएं दिलाने के लिए आंदोलन करना. ठाकरे उस आंदोलन से भी प्रभावित थे जो महाराष्ट्र को सिर्फ मराठी बोलने वालों का राज्य बनाने के लिए 50 के दशक में किया गया था.

बाला साहेब

कभी चुनाव नहीं लड़ा लेकिन सत्ता की चाभी हमेशा हाथ में रही

आपको जानकर हैरानी होगी की बाला साहेब ठाकरे और उनके बेटे उद्धव ठाकरे ने आज तक कोई चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन पार्टी की स्थापना से लेकर आज तक महाराष्ट्र की राजनीति में किंग मेकर का दबदबा बरकरार रखा है.

हिटलर के फैन थे बाला साहेब ठाकरे

बाल ठाकरे खुद को हिटलर का प्रशंसक बताते थे, साथ ही उनकी कुछ विवादित टिप्पणियां भी हमेशा सुर्खियों में रही जैसे उन्होंने एक बार कहा था कि इस्लामिक आतंकवाद को निपटने के लिए हिंदू आतंकवाद को बढावा देना चाहिए, बिहार और उत्तर भारत के रहने वाले लोगों पर टिप्पणियां भी करते आए थे बाला साहेब ठाकरे

6 साल के लिए बैन हो गए थे बाला साहेब

सांप्रदायिक आधार पर वोट देने की अपील एक बार बाला साहेब पर भारी पड़ गई थी. 1999 से 2005 के बीच उन्हें वोट देने के आधार से वंचित कर दिया गया था, हाईकोर्ट के आदेश पर चुनाव आयोग ने उन पर बैन लगा दिया था

हादसों ने तोड़कर रख दिया ठाकरे साहेब को

साल 1995 में बाला साहेब की पत्नी मीना का देहांत हो गया और महज एक साल बाद ही सड़क दुर्घटना में उनके सबसे बड़े बेटे बिंदुमाधव की मौत हो गई, इन दोनों घटनाओं ने बाला साहेब को तोड़कर रख दिया. बाला साहेब के बारें में एक बेहद खास बात थी कि वो अपने समर्थकों से ज्यादा मिलने जुलने में यकीन नहीं रखते थे, ‘मातोश्री’ यानी अपने घर की बालकनी से ही वो अपने समर्थकों को दीदार कराया करते थे.

जैक्सन के साथ बाला साहेब

रोचक किस्सा- ठाकरे के बुलावे पर आए थे माइकल जैक्सन

मराठा युवाओं को प्रभावित करने के लिए साल 1996 में बाला साहेब ने माइकल जैक्सन को मुंबई बुलाया था, उस वक्त एयरपोर्ट पर जैक्सन का स्वागत सोनाली बेंद्रे ने किया था. बाला साहेब ठाकरे ने जैक्सन को चांदी का तबला और तानपुरा भेंट किया था. जैक्सन को भारत बुलाने का कड़ा विरोध भी हुआ था. इस विरोध का जवाब देते हुए ठाकरे ने कहा था कि माइकल जैक्सन एक महान कलाकार है और हमें उसे कलाकार के रूप में स्वीकार करना चाहिए.

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