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क्या राफेल की जांच की आंच से बचने के लिए सरकार ने CBI चीफ वर्मा का कर दिया तबादला?

Dhang Ki Baat, PEOPLE

CBI और सरकार के बीच चल रहे विवाद में फिर से एक मोड़ आया है. सीबीआई डायरेक्टर आलोक वर्मा को फिर उनके पद से हटा दिया गया है और अब फायर डिपार्टमेंट के डीजी पद की जिम्मेदारी दी गई है. मतलब सीधा CBI विभाग से उठाकर फायर डिपार्टमेंट में पटक दिया है. ये फैसला जिस सेलेक्ट कमिटी में लिया गया है, उसमें पीएम मोदी, विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और जस्टिस सीकरी शामिल थे. कमिटी ने 2-1 से फैसला आलोक वर्मा के खिलाफ लिया है, साफ है कि खड़गे के अलावा बाकी दोनों ही सदस्य चाहते थे कि सीबीआई डायरेक्टर अपने पद पर नहीं बने रहे. लिहाजा, अब आलोक वर्मा को हटाने का सीधा-सीधा फैसला प्रधानमंत्री मोदी का है.

फोटो-मलयालम मनोरमा

CBI डायरेक्टर को हटाने पर कांग्रेस का रिएक्शन

इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने सीधा प्रधानमंत्री पर निशाना साधा है और कहा है कि वो राफेल पर जांच से बचने के लिए आलोक वर्मा को बर्खास्त कर रहे हैं. वो भी एक बार नहीं बल्कि 2-2 बार. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के शब्दों में कहें तो

सरकार ने इंडियन एयरफोर्स के 30 हजार करोड़ रुपये अनिल अंबानी को दे दिए. सीबीआई चीफ आलोक वर्मा को लगातार दो बार बर्खास्त करने से साफ है कि वो अब अपने ही झूठ में फंस चुके हैं ,सत्यमेव जयते’.

फोटो- सोशल मीडिया

8 जनवरी को आया था सुप्रीम कोर्ट का फैसला

इससे फैसले 8 जनवरी को सरकार को झटका देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने छुट्टी पर भेजे गए आलोक वर्मा को फिर से पद पर बहाल कर दिया था. पद संभालने के महज 24 घंटे के भीतर ही आलोक वर्मा को उनके पद से हटा दिया गया. पद संभालने के बाद आलोक वर्मा ताबड़तोड़ फैसले रहे थे और कईयों का ट्रांसफर भी कर चुके थे.

फोटो-दैनिक भास्कर

कहां से शुरू हुई थी ये लड़ाई

CBI के इतिहास में इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था. इस जांच एजेंसी के नंबर 1 और नंबर 2 अधिकारी यानी आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना आपस में उलझ गए और एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिया. सीबीआई ने पहले अपने नंबर 2 अधिकारी यानी विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज कराई, मामला 3 करोड़ रुपये के घूस का था. वहीं अस्थाना ने सीबीआई के नंबर 1 अधिकारी यानी CBI के निदेशक आलोक वर्मा पर 2 करोड़ रुपये घूस लेने की शिकायत केंद्रीय सतर्कता आयुक्त से की. फिर दोनों को सरकार ने छुट्टी पर भेज दिया और नागेश्वर राव को सीबीआई का अंतरिम डायरेक्टर नियुक्त कर दिया. अब एक बार फिर आलोक वर्मा के जाने के बाद नागेश्वर राव सीबीआई के अंतरिम डायरेक्टर होंगे.

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