कुलभूषण जाधव केस इंटरनेशनल कोर्ट में चल रहा है, जानिए इस कोर्ट के बारे में हर एक बात

FACTS

भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान में फांसी देने का मामला इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) में चल रहा है. भारत-पाकिस्तान ने इस मामले में अपनी-अपनी दलील रखी हैं.

भारत की तरफ से वरिष्ठ वकील हरिश साल्वे कोर्ट में पक्ष रख रहे हैं.. इस केस के साल्वे ने महज 1 रुपया फीस के तौर पर लिया है. अब कोर्ट का फैसला किस तरफ आता है ये आगे आने वाले कुछ दिनों में साफ हो जाएग. इससे पहले जानते हैं कि ये इंटरनेशनल कोर्ट क्या होता है, कैसे काम करता है और इसके क्या मायने हैं

ICJ Website

1.इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस यूनाइटेड नेशंस का जस्टिस विंग हैं. यहां संयुक्त राष्ट्र के देशों के बीच चल रहे विवाद का निपटारा किया जाता है.
2. आईसीजे की स्थापना 1945 में हुई थी, 1946 से इसने काम करना शुरू कर दिया. इसका मुख्यालय नीदरलैंड के हेग शहर में हैं.
3.आईसीजे में 15 जज होते हैं, जो यूनाइटेड नेशन जनरल काउंसिल और सिक्योरिटी काउंसिल द्वारा 9 साल के लिए चुने जाते हैं. हर 3 साल में इसके अध्यक्ष का चुनाव होता है.
4. एक ही देश के 2 जज इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस में नहीं हो सकते हैं, सुरक्षा परिषद के 5 देशों के जज हमेशा 15 जजों में होते हैं.
5. 15 जजों में इस वक्त अध्यक्ष रोनी अब्राहम फ्रांस से हैं. जापान, स्लोवाकिया, सोमालिया, मोरक्को, ब्राज़ील, ब्रिटेन के जज हैं. इसके अलावा चीन, अमेरिका, इटली, यूगांडा, भारत, ऑस्ट्रेलिया, रूस, जमैका से भी इस वक्त वर्ल्ड कोर्ट में एक-एक जज है.
6. इंटरनेशनल कोर्ट में इस वक्त भारतीय जज दलवीर भंडारी हैं, जो सुप्रीम कोर्ट के जज रह चुके हैं, 2012 में 6 साल के कार्यकाल के लिए चुने गए थे.
7. आईसीजे का काम कानूनी विवादों का निपटारा करना है और यूनाइटेड नेशंस के अंगों, एजेंसियों के उठाए कानूनी प्रश्नों पर राय देना है.
8. अगर कोई देश इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला नहीं मानता है तो मामला 5 देशों की सुरक्षा परिषद में जाता है, जिससे फैसला लागू करवाया जा सके
9. इसकी ऑफिशियल लैंग्वेज अंग्रेजी और फ्रेंच है.
10. बता दें कि जाधव केस के पहले भी साल 1999 में भारत-पाक इस कोर्ट में आमने सामने आ चुके हैं. उस समय पाकिस्तानी नौसेनिक विमान को भारत ने मार गिराया था. इंटरनेशनल कोर्ट का फैसला उस समय भारत के पक्ष में आया था.

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