जाट

जाटों का इतिहास है गवाह, क्यों देश की शान है ये समुदाय

FACTS, PEOPLE

हिंदू, सिख और मुसलमान धर्मों में वर्गीकृत जाट समुदाय का इतिहास काफी रोचक रहा है। तगड़ी कद-काठी की खासियत के लिए पहचाने जाने वाले जाट समुदाय के बारे में कई दिलचस्प किस्से जुड़े हैं। सेना और खेल की दुनिया से लेकर देश की सेवा में जाटों का क्या है योगदान चलिए डालते हैं इस पर एक नज़र.

  • इतिहास पर गौर करें तो जाटों का वास्ता भारत देश सहित पाकिस्तान मुल्क से भी जुड़ा है।
  • आंकड़ों की बात करें तो साल 2016 तक भारत में जाटों की संख्या कुल आबादी की 0.1 फीसदी दर्ज हुई।
  • इतिहास में जाटों को क्षत्रिय माना गया है। अंग्रेजों के जाने के बाद भारत के इंडिया बनने से पहले वाले भारत वर्ष में जाट मुख्य रूप से हिंदू थे।
  • मुगलों के आक्रमण के बाद इनमें से कुछ ने मुस्लिम धर्म अपना लिया जबकि बाकी जाट अभी भी हिंदू और सिख धर्म को मानने वाले हैं।
  • भारत में राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा के साथ ही उत्तर प्रदेश में जाटों का बोलबाला है।
  • मुस्लिम मुल्क पाकिस्तान में सिंध, बलोचिस्तान में रहने वाले चालीस लाख से अधिक जाट चुनाव में अहम भूमिका निभाते हैं।
  • अपने राजस्थान और दिल्ली की टोटल पापुलेशन में 20 फीसदी संख्या जाटों की है!
  • भारत में मोटे तौर पर सिख और हिंदू बिरादरी के 60 लाख से अधिक जाट चुनावी लहर का रुख बदलने का माद्दा रखते हैं।
  • हरियाणा, राजस्थान और पंजाब की पॉलिटिक्स जाट बिरादरी के बारे में रणनीति तैयार किए बगैर पूरी हो ही नहीं सकती।
  • भारत के प्राइम मिनिस्टर चरण सिंह का नाम पॉलिटिक्स की हिस्ट्री का अहम हिस्सा है।
  • एक अखबार समूह के आंकड़ों के मुताबिक साल 2012 में जाटों की संख्या साढ़े 8 करोड़ के लगभग दर्ज की गई है।
  • राजस्थान, यूपी और दिल्ली में जाट जाति को अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप में शामिल किया गया है।
  • भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट, सिख रेजिमेंट, राजपुताना राइफल्स और ग्रेनेडियर्स में जाटों के योगदान को बहुत सम्मान से देखा जाता है।
  • साहस, वीरता और बहादुरी की मिसाल जाट वर्ग के नागरिकों का भारतीय सेना से लेकर खेती किसानी तक में योगदान किसी से नहीं छिपा।
  • एक कहावत प्रसिद्ध है कि यदि 8 माह की गर्भवती औरत आपको खेत पर काम करते दिखे तो समझिये वो जाट परिवार से है।
  • जाटों के आईक्यू को लेकर भी काफी हंसी मजाक होता रहता है। खुद जाट भी अपनी अक्खड़ मिजाजी लेकिन साफगोई के लिए जाने जाते हैं।
  • वंश की बात चल रही है तो बता दें धारणा तो ये भी है कि भगवान श्रीकृष्ण जाटों के पूर्वज हैं। हालांकि इस बारे में काफी मतांतर भी हैं।
  • राजा पोरस, महाराजा सूरजमल, वीर तेजाजी, महाराजा जवाहर सिंह की वीर गाथाओं पर जाटों के साथ ही सभी भारतवासियों को गर्व है।
  • शेर ए पंजाब के नाम से विख्यात महाराजा रणजीत सिंह का गौरवशाली इतिहास जाटों के लिए शान की बात है।
  • एशियन गेम्स में देश को मेडल दिलाने वाले बजरंग पूनिया, विनेश फौगाट व लक्ष्य श्योराण के अलावा कई खिलाड़ियों ने दुनिया में लहराया है अपना तिरंगा प्यारा।

Leave a Reply