कहीं अगला बगदादी न बन जाए जैश का आतंकी मसूद अजहर

Dhang Ki Baat

3 मार्च को एक के बाद एक कई मीडिया हाउस ने जैश-ए-मोहम्मद के मरने की खबर चलाई. अंदाज अलग-अलग था, कोई इस खबर को सूत्रों के हवाले से बता रहा था तो कोई इसे मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दिखा रहा था. ऐसे में ये भी कहा जा रहा है कि कहीं मसूद अजहर अगला बगदादी न बन जाए. मतलब मीडिया ने जिस तरह बगदादी के लिए हर एक दो महीने में ‘बगदादी मारा गया’ जैसी खबर चलाई थी, कहीं मसूद अजहर के लिए भी ऐसा न हो.

फोटो- फर्स्टपोस्ट

पाकिस्तानी विदेशी मंत्री के बयान के बाद उठे सवाल

दरअसल, ये खबर तब से मीडिया की चर्चा का विषय बन गए, जब पाकिस्तानी विदेश मंत्री महमूद कुरैशी ने एक इंटरव्यू में कह दिया कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है और बहुत बीमार है. कुरैशी ने तो यहां तक कह दिया कि वो इतना बीमार है कि घर से निकल ही नहीं सकता. उस दिन के बाद से ही तरह-तरह की खबर मीडिया और सोशल मीडिया में तैरने लगी.

फोटो- प्रभात खबर

मसूद अजहर भारत में मोस्ट वांटेड है

14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले का गुनहगार मसूद अजहर ही है. इससे पहले भी वो भारत में कई आतंकी हमले करवा चुका है.

फोटो- आजतक

24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस के फ्लाइट आईसी 814 को 5 आतंकियों ने हाइजैक कर मसूद अजहर को भारत की गिरफ्त से छुड़ाया था. वो 1994 से भारतीय जेल में बंद था. साल 2000 में मसूद अजहर ने जैश-ए-मुहम्मद नाम का आतंकी संगठन बनाया था.

Leave a Reply