भीमराव आंबेडकर

जन्मदिन: डॉ भीमराव आंबेडकर के मध्यप्रदेश में जन्म से लेकर बौद्ध धर्म अपनाने की 15 खास बातें

PERSONALITIES

डॉ भीमराव आंबेडकर को भारतीय संविधान का पिता कहा जाता है. दलितों, समाज के शोषित वर्ग के उत्थान लिए भीमराव आंबेडकर के योगदान को देश कभी नहीं भूल सकता है. भीमराव का जीवन संघर्ष और सफलता की एक ऐसी मिसाल ही जो प्रेरणा भी देता है साथ ही आगे बढ़ने की ललक भी जगाता है.14 अप्रैल को उनकी जन्मदिन है ऐसे में आपको बताते हैं इस महान शख्सियत के बारे में कुछ खास बातें-

डॉ भीमराव आंबेडकर

14 भाई बहनों में सबसे छोटे थे भीमराव

1. भीमराव आंबेडर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्य प्रदेश में हुआ था. भीमराव के पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और माता का नाम भीमाबाई था.

2. भीमराव अपने माता-पिता की 14वीं संतान थे. बता दें कि अपने भाई बहनों में सबसे छोटे थे. भीमराव अंबेडकर के पूर्वज लंबे समय तक ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में काम कर रहे थे. उनके पिता भी ब्रिटिश भारतीय सेना की मऊ छावनी में सेवा में थे.

विदेश यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने वाले पहले भारतीय

भीमराव आंबेडकर
फोटो-Inmemory

3. साल 1913 में भीमराव आंबेडकर को कोलंबिया यूनिवर्सिटी में दाखिला मिला था. इसके लिए उनको बड़ौदा के राजपरिवार से वजीफा मिला था.

4. आंबेडकर ने अमेरिका और ब्रिटेन दोनों देशों से शिक्षा हासिल की थी. साल 1916 में लंदन स्कूल ऑफ इकॉनमिक्स से अर्थशास्त्र में पीएचडी हासिल की थी. किसी भी विदेशी यूनिवर्सिटी से पीएचडी हासिल करने वाले आंबेडकर पहले भारतीय हैं.

8 घंटे मजदूर काम करते हैं श्रेय आंबेडकर को जाता है

भीमराव आंबेडकर
फोटो- भारत खबर

5. डॉ भीमराव आंबेडकर की नीतियों के वजह से फैक्ट्रियों में कम से कम 12 से 14 घंटे काम करने का नियम बदल कर सिर्फ 8 घंटे कर दिया गया था.

6. आंबेडकर ही एक मात्र ऐसे भारतीय हैं जिनकी पोरट्रैट लंदन म्यूजियम में मार्क्सवाद के जनक कार्ल मार्क्स के साल लगी हुई है.

7. अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार जीत चुके भारतीय अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन आंबेडकर को अपना पिता मानते हैं.

8. 1935 में भारतीय रिजर्व बैंक (आर.बी.आई) बना था. इसका आधार आंबेडकर के हिल्टन यंग कमीशन के समक्ष प्रस्तुत किए गए विचारों पर बना.

साइमन कमीशन के एकमात्र भारतीय मेंबर

9. डॉ भीमराव आंबेडर साइमन कमीशन के एकमात्र भारतीय मेंबर थे. आपको बता दें कि इस कमीशन का भारत में काफी विरोध हुआ था.

10. पूना पैक्ट, 1932 के तहत आंबेडकर के कारण ही दलितों के लिए सुरक्षित सीट की व्यवस्था की गई है.

पहला लोकसभा चुनाव हार गए थे

11. डॉ भीमराव आंबेडकर पहले लोकसभा के लिए बंबई नॉर्थ से चुनाव लड़े, इसमें आंबेडकर को हार का सामना करना पड़ा था.

12. साल 1951 में हिंदू कोड बिल पेश किया गया था जिसका आंबेडकर ने विरोध किया और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

सिख बनने गए थे बौद्ध बन गए

13. हिंदू धर्म में जाति प्रथा का विरोध करने वाले आंबेडकर सिख बनना चाहते थे. लेकिन सिख नेताओं से मिलने के बाद उन्होंने अपना विचार बदल दिया.

14. साल 1956 में आंबेडकर ने बौद्ध धर्म को अपना लिया.

15. आंबेडकर के बौद्ध धर्म अपनाने के बाद से ही भारत में बड़े पैमाने पर लोगों ने इस धर्म को अपनाना शुरू कर दिया .

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