सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त रडार पर क्या बोल बैठे PM मोदी, उड़ रहा है मजाक

Dhang Ki Baat, FACTS

प्रधानमंत्री मोदी भी अक्सर ऐसी बातें कह जाते हैं कि जग हंसाई हो जाती है. ऐसा ही उन्होंने एक नए इंटरव्यू में कर दिया. दरअसल, हुआ ये कि इंटरव्यू में सर्जिकल स्ट्राइक का तो वो जिक्र करते ही हैं, पुराने कई इंटरव्यूज में अलग-अलग एंगल से बात कर ली थी उन्होंने अब नए एंगल के चक्कर में पीएम मोदी ने एयर स्ट्राइक की रणनीति के बारे में बताना शुरू किया.

पीएम मोदी ने क्या कहा था?

पीएम मोदी ने कहा कि एयर स्ट्राइक वाले दिन मौसम की दिक्कत आ गई. फिर मैंने कहा इतने बादल हैं, बारिश हो रही है, तो एक फायदा भी है कि हम रडार से बच सकते हैं ये पीएम मोदी के शब्द हैं. यानी प्रधानमंत्री मोदी के मुताबिक बादल अगर छाए हो तो रडार काम नहीं करेगा. ऐसा आइडिया पीएम ने दे दिया. अब रडार को जानने, समझने और पढ़ने वाले पीएम के इस आइडिया से खफा हैं और तरह-तरह के मजे भी ले रहे हैं. दरअसल जहां तक रडार की बात है तो ऐसा नहीं है कि बादल अगर छाए हुए तो रडार काम ही नहीं करेगा. अगर ऐसा होता तो रडार का इस्तेमाल एयर ट्रैफिक कंट्रोल में कभी नहीं किया जाता. एयर ट्रैफिक कंट्रोल में रडार का इस्तेमाल विमानों को खराब मौसम की स्थिति में लैंडिंग कराने के लिए भी किया जाता है.

रडार क्या है?

रडार एक टेक्नोलॉजिकल सिस्टम का नाम है, पूरा नाम है ‘रेडियो डिटेक्शन एंड रेंजिंग. यहां रेडियो शब्द इसलिए है क्योंकि रडार ट्रांसमिशन के लिए रेडियो वेव्स का ही इस्तेमाल करते हैं.

रडार काम कैसे करते हैं?

रडार का इस्तेमाल किया जाता है, विमानों, एयरक्राफ्ट, शिप या मिसाइल जैसी चीजों का पता लगाने के लिए, शुरुआत इसकी दूसरे विश्व युद्ध के वक्त हुई थी, जब एक देश को दूसरे दुश्मन देश के एयरक्राफ्ट का पता लगाना होता था. अब क्या होता है कि रडार में कई तरह के कंपोनेंट होते हैं ट्रांसमिटर, रिसीवर बेसिक कंपोनेंट होता है. ट्रांसमिटर से रेडियो वेव्स को किसी भी ऐसी चीज के डिटेक्शन के लिए भेजा जाता है, जैसे ही वो उस चीज से टकराकर वापस रिसीवर पर आता है, पता लग जाता है कि सामने से क्या चीज कितनी स्पीड से आ रही है. 

आसान भाषा में समझते हैं, जैसे आप खड़े हैं और आपके हाथ में टॉर्च है, सामने अंधेरा है, कोई चीज आ रही है, जैसे ही टॉर्च आप उस चीज पर जलाएंगे, टॉर्च की रोशनी उस चीज से टकराकर आपके आंखों तक पहुंचेगी और आपको पता चल जाता है कि कौन आ रहा है. इसी तरह रडार का ट्रांसिमटर टॉर्च जैसे काम करता है और रिसीवर आंख के जैसे.

बादल होने क्लाउड होने जैसी चीज का रडार से कोई संबंध नहीं है. अब जब पीएम ने नई थ्योरी दे दी है तो लोग उसपर तरह-तरह के मजे ले रहे हैं.

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