BJP की फायरब्रांड नेता स्मृति ईरानी का ऐसा बढ़ता गया कद, अब तक का सफर जानिए

PERSONALITIES

भारत के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता की आंधी में विरोधी पार्टियां ताश के पत्तों की तरह उड़ गईं। नामी फिल्मी सितारे चुनाव के बाद से खामोश हैं। बल्लेबाज से टेलिविज़न गेस्ट और फिर नेता बनने वाले अब कुछ बोल नहीं पा रहे। वहीं टेलिविज़न आर्टिस्ट की सफल पहचान के बाद पॉलिटिक्स की नई पारी खेल रहीं स्मृति ज़ुबिन ईरानी का कद कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को हराने के बाद टीम बीजेपी में और बढ़ गया है। उनकी हार-जीत और जीवन के संघर्ष के बारे में विस्तार से जानिये वी द इंडियन के साथ-


साल 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद स्मृति ईरानी पॉलिटिक्स की दुनिया में अहम चेहरा बन गईं हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया भर के लोग उस पॉलिटिकल लीडर के बारे में जानने बेताब हैं जिसने सबसे बड़े लोकतंत्र की सबसे बड़ी और पुरानी पार्टी के अध्यक्ष को उसके ही घर में पटखनी दे डाली। इंटरनेट की दुनिया में इन दिनों इंडिया के पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह के बाद सबसे ज्यादा तलाशा जाने वाला नाम स्मृति ईरानी का ही है।
इनके जीवन संघर्ष की स्मृतियों में सामान्य परिवार से लेकर मुखर राजनेता होने तक की पहचान दर्ज है। साल 1976 में दिल्ली के रूढ़वादी पंजाबी-बंगाली मल्होत्रा परिवार में जन्मीं स्मृति की बेसिक पढ़ाई इंडियन कैपिटल में पूरी हुई। स्मृति के बारे में कहा जा सकता है कि उन्होंने जिस भी क्षेत्र में हिस्सा लिया…हमेशा टॉप पर रहने की कोशिश की…और वह साकार भी हुई। स्मृति ने कॉस्मेटिक प्रॉडक्ट्स के प्रचार से लेकर मिस इंडिया कॉन्टेस्ट तक में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। मॉडलिंग करने के पहले स्मृति ने मैकडॉनल्ड्स के सेंटर में भी काम किया।
ज़ुबिन ईरानी की दूसरी पत्नी स्मृति तीन बच्चों की मां हैं। साल 2001 में स्मृति ने पारसी मूल के ज़ुबिन ईरानी से शादी की। उनके तीन बच्चे हैं। उनके पति ज़ुबिन ईरानी और उनकी पूर्व पत्नी मोना ईरानी की एक बेटी भी है। स्मृति-ज़ुबिन के बच्चे पारसी हैं।
स्मृति ने टेलीविजन धारावाहिक ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में ‘तुलसी’ वाले लीड रोल से इंडियन सोसाइटी में अपनी पैठ बनाई। खासकर महिलाओं के बीच यह कार्यक्रम बहुत लोकप्रिय हुआ। टेलीविजन सीरियल ‘हम हैं कल आज कल और कल’ के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी।
स्मृति ज़ुबिन ईरानी ने पांच टॉप आर्टिस्ट के लिए भारतीय टेलीविजन अकादमी अवार्ड, चार इंडियन टेली अवार्ड और आठ स्टार परिवार पुरस्कारों पर अपना कब्जा जमाया है। स्मृति ने टीवी धारावाहिक रामायण में सीता का भी पात्र निभाया। बालाजी टेलिफिल्मस के साथ उनका नाता काफी अहम रहा…क्योंकि इनके लिए स्मृति सास बहू सीरियल के अलावा ‘थोड़ी सी जमीन और थोड़ा सा आसमान’ टीवी सीरियल में सह निदेशक भी रहीं।
अमेठी में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी को आम जनता की ताकत का अहसास कराने के पहले भी स्मृति ईरानी…मानव संसाधन विकास मंत्री के तौर पर सुर्खियों में रह चुकी हैं। स्मृति 2003 में दिल्ली की चाँदनी चौक लोकसभा सीट से…भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल चुनाव में हार गईं थीं। श्रीमति ईरानी इसके बाद महाराष्ट्र यूथ विंग की उपाध्यक्ष रहीं। बीजेपी की ओर से वो पांच बार केंद्रीय समिति की कार्यकारी सदस्य मनोनीत हुईं और फिर राष्ट्रीय सचिव नियुक्त हुईं जिसके बाद उन्होंने बीजेपी महिला मोर्चा की कमान संभाली। इसके बाद गुजरात के रास्ते साल 2011 में राज्यसभा पहुंचीं।
आपको बता दें स्मृति के लिए अमेठी की राह पिछले चुनाव में इतनी आसान नहीं थी। लेकिन उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी नेता कुमार विश्वास को कड़ी टक्कर दी। भले ही वो चुनाव में हार गईं हों लेकिन उन्होंने राहुल गांधी और कुमार विश्वास के मुकाबले अमेठी की जनता के बीच विश्वास बनाने का अपना मिशन…पूरे पांच साल सक्रियता से चालू रखा।…चुनाव में हारने के बावजूद राज्यसभा सदस्य होने के नाते उन्हें भारत सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्री बना दिया गया।
आज स्मृति का कद इस बात से ही जाना जा सकता है कि चुनाव के पहले ही कांग्रेस को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष और पीएम पद के उम्मीदवार-दावेदार राहुल गांधी की हार की भनक लग गई थी इसलिए उन्होंने केरल के वायनाड की राह पकड़ ली।
अमेठी को कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। खुद सोनिया गांधी की एंट्री इस सीट से हुई थी। अमेठी वालों की स्मृति से कांग्रेस की स्मृतियों को धुंधला करने के लिए स्मृति ईरानी को अपने कार्यकाल में डबल मेहनत करना होगी। दोस्तों क्या कहना है आपका? स्मृति अपनी नई पारी में कितना सफल हो पाएंगी? अपने विचार हमारे साथ जरूर शेयर करें। दुनिया जहान की इम्पोर्टेंट जानकारियों के लिए चैनल वी द इंडियन को सब्सक्राइब करना न भूलें।

Leave a Reply