कैबिनेट मंत्री और ओडिशा के मोदी कहे जाने वाले प्रताप सारंगी का कड़वा सच जानिए

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किसी ने इन्हें ओडिशा के मोदी का नाम दिया है तो कोई इन्हें संत मंत्री के नाम से बुलाने लगा है. बात हो रही है प्रधानमंत्री मोदी कैबिनेट के सबसे खास मंत्री प्रताप चंद्र सारंगी की. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जिस मंत्री के शपथ पर सबसे ज्यादा तालियां बजी थीं वो प्रताप सारंगी ही हैं. सोशल मीडिया के तो वो हीरों हैं, उनके रहन-सहन, सादगी की तमाम तस्वीरें आप फेसबकु, ट्विटर पर देख सकते हैं. उन्हें सबसे कम संपत्ति वाला मंत्री भी बताया जा रहा है. लेकिन कुछ और भी है जो प्रताप चंद्र सारंगी की जिंदगी में कालिख जैसा है. 

प्रताप चंद्र सारंगी पर कुल 7 आपराधिक मामले


प्रताप के हलफनामे से पता चलता है कि उनके खिलाफ कुल सात आपराधिक मामले हैं. वो भी गंभीर अपराधों के जैसे दंगा कराने का आरोप, धमकी देना का आरोप, घृणा फैलाने का आरोप,
आपको जानकर हैरानी होगी कि साल 1991 में ओडिशा में एक ऑस्ट्रेलियन मिशनरी ग्राहम स्टेंस और उनके दो बेटों को जिंदा जला दिया गया. उस वक्त वो तीनों सो रहे थे. इस निर्मम हत्याकांड का आरोप बजरंग दल पर लगा था, और उसी वक्त इस संगठन के अध्यक्ष प्रताप चंद्र सारंगी ही थे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारंगी ने उस वक्त बच्चों की हत्या की तो निंदा की थी लेकिन स्टेंस की मौत पर टिप्पणी नहीं की थी साथ स्टेंस के मौत के बाद भी मिशनरी को रोकने की बात कही थी. 
आपको दूसरा आरोप बता दें कि ओडिशा विधानसभा पर हमले के आरोप में भी सारंगी को गिरफ्तार की गया था, उन्हें दंगा कराने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामले में साल 2002 में भी गिरफ्तार किया गया था.
हालांकि, सारंगी इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं उनका कहना है कि सभी केस झूठे हैं, इंसाफ की लड़ाई लड़ने की वजह से ही उनके खिलाफ केस किए गए हैं.

सोशल मीडिया के हीरो हैं प्रताप


शायद इन बातों से बेखबर सोशल मीडिया के तो हीरो बन गए हैं प्रताप सारंगी. जैसा कि हर बार होता है जब हम या आप किसी ऐसे शख्स को देखते हैं जो सरकार में बड़े ओहदे पर है और सादगी से रहता है तो आकर्षित तो हो ही जाते हैं. ऐसा ही प्रताप सारंगी के साथ है, यूजर्स उनकी सादगी और काम के दिवाने हैं
सात केसों के बावजूद, प्रताप सारंगी सोशल मीडिया हीरो हैं. मोदी सरकार में उनके मंत्री बनते ही सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें वायरल होने लगीं, जहां लोगों ने उनकी सिंपल लाइफस्टाइल से लेकर कामकाज तक की तारीफ की.
बता दें कि इस चुनाव में सारंगी ने सत्ताधारी पार्टी बीजेडी के रविंद्र कुमार जैना को हराकर संसद में दस्तक दी है. इससे पहले साल 2004 और 2009 में वो विधायक भी रह चुके हैं. पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.

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